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P se Padhai | A street play on education

I recently got a chance to work with students of Asaadharan Foundation. The foundation is coming up with a teaching fellowship and they wanted to communicate to the masses about the problem at large. Who better to talk about the issue than the students who need the teachers. We had a week or around 10 hours in hand and 10 kids aged 8-12years who had not been on a stage before. The first couple of hours went playing games and trying to understand their perspective on the topic. Thereafter, each session was a playtime that weaved magic on stage followed by a standing ovation.

Here is the Hindi script of the same-

प से पढ़ाई

*ढोल*

सब- ढिंका चिका ढिंका चिका ढिंका चिका ढिंका चिका हे हे हे हे हे

आज तुम्हे हम नुक्कड़ दिखाके, अपना हाल बताएँगे रे  

ढिंका चिका ढिंका चिका ढिंका चिका ढिंका चिका हे हे हे हे हे

*ढोल*

1- चैन से सोना है तोह जाग जाओ

सब- जाग जाओ जाग जाओ जाग जाओ

1 – ये कहानी है उस बच्चे की

सब- इरशाद इरशाद

1 – अकल के कच्चे की

सब- वाह वाह वाह वाह

2 – जिसका समाज ने पढ़ने न दिआ, और आगे इसको बढ़ने न दिआ

सब- हा *haawww*

*ढोल*

हाफ- जब पढानी न करेगा तो क्या होगा?

हाफ- तो क्या होगा?

३- बाल मजदूरी करेगा, बाल मजदूरी

*दो लोग बाल मजदूरी*

4 – अबे ओये, सही से उठा, अगर एक भी ईंट गिर गई, तोह मार मार के टांग तोड़ दूंगा तेरी

5 – हाँ मालिक, उठाता हूँ

*ईंट उठा के दूसरी तरफ रखता है*

5 – चलो, कम से कम, रोटी के पैसे तो आये

*ढोल*

हाफ- जब बाल मजदूरी करेगा तो क्या होगा?

हाफ- तो क्या होगा?

6 – बाल विवाह होगा, बाल विवाह

*6 और 7 माला दाल के शादी करते हैं*

सब- मंगलम भगवान् विष्णु

6 – चलो अब दोनो जने मिलके काम करेंगे, डबल कमाई

7 – अरे मूर्ख आदमी, खर्चे भी तो डबल होंगे, कला अक्षर भैंस बराबर

*ढोल*

सब- जब बाल विवाह होगा तो *सब रोते हैं*

हाफ- समझदार को

हाफ- इशारा काफी

8 – पढ़ाई करके क्या मिलेगा?

सब- हाँ हाँ, क्या मिलेगा?

8 – सपना, सपना कुछ करने का, जीने का, बनने का

सब- क्या बनने का ?

8 – मैं बनूँगा गांधी, देश को फिरसे आज़ाद करूँगा, बेरोज़गारी से, गरीबी से

*गांधी- वैष्णव जन तो*

9 – मैं बनूँगा, बाबा साहेब आंबेडकर और देश के संविधान को मजबूत करूँगा

*आंबेडकर- we the people of India*

10 – मैं बनूँगी, कल्पना चावला और जाऊँगा चाँद और मंगल गृह पर

 *राकेट*

*ढोल*

सब- कुछ नहीं तो एक अच्छा इंसान बना दो

*ढोल*

सब- मानो मेरी बातें तुम, टीचर का जॉब लेके देश है बढ़ाना

थोड़ा सा पढ़ाना, मस्ती बहुत कराना

टीचर का जॉब लेके देश है बढ़ाना

*ढोल*

1 – अब हम करेंगे एक प्रयोग, अंग्रेजी में बोले तो एक्सपेरिमेंट

2 – एक और एक कितना होता है?

3 – मास्टरजी तीन

4 – नहीं नहीं, देखो ये एक खड़ा किआ, ये एक और, 1  और 1  हो गए ग्याराह 

5 – चलो इनसे कुछ पूछते हैं, ये पढ़े लिखे लगते हैं

6 ,7 , 8 *नीचे जाके* ये पढ़ के दिखाओ, अरे कोशिश तोह करो, पढ़ो ना

9 – कैसे पढ़ेंगे? ये चाइनीज़ में लिखा है.

10 – हाँ, अगर चाइनीज़ का A B C आता तो पढ़ पाते ये लोग

2 – एहि तोह कहना चाह रहे हैं, कोई हमको भी पढ़ाओ

6 ,7 , 8 – है दम?

*ढोल*

सब- मोबाइल में जैसे फीचर होता है

वैसे स्कूल में टीचर जरुरी होता है

वैसे स्कूल में टीचर जरूरी होता है

कोई हमें एक और एक दो पढ़ाये

कोई हमें नाम लिखना सिखाये

एक हमें दुनिया गोल है समझाए

तो एक हमें देश का PM बनाये

लम्बू टीचर, छोटू टीचर, मोटू टीचर, पतलू टीचर

अरे कोई भी चलेगा यार

वेट करके भेजा साला बावला होता है

वैसे स्कूल में टीचर जरुरी होता है

वैसे स्कूल में टीचर जरुरी होता है

क्यूंकि

प से पढ़ाई

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